एक प्रेरणादायक संशोधक उद्धब भराली – Uddhab Bharali
उद्धब बचपन से ही बहुत होशियार थे और उनकी इसी होशियारी के वजह से स्कुल के लोग उन्हें पहली कक्षा से सीधे तीसरी कक्षा और पाचवी कक्षा से सीधे दसवी कक्षा मैं Admission मिला, बाद मे उद्धब Engineering को गए पर उनके घर के हालात ख़राब होने के वजह से उन्हें अपनी पढाई बिच मैं ही छोड़नी पड़ी, कम करके घर खर्च चलाने की जिमेदारी उनके ऊपर आयी, और इसी के कारण उनके अन्दर के संशोधक की पहचान हुई. पिताजी के Business में घाटे के वजह से उद्धब के घर पर बैंक का कर्जा हुआ था, कोई नही नौकरी कर के इतना कर्ज नहीं चुकाया जा सकता हैं ये उद्धब जानते थे, उसी समय एक कपंनी को पोलीथिन बनाने की एक विदेशी मशीन की कॉपी करके उसी तरह मशीन कम से कम पैसे खर्च करके यहाँ भारत मैं बनानी थी उद्धब ने ये Challenge Accept किया और 23 साल की उम्र मैं 5 लाख कीमत वाली मशीन बनायी और वो भी सिर्फ 67 Thousand रुपयों में तब उन्हें अपने अन्दर की कला का अहसास होने के बाद उन्होंने ऐसे बहुत से Product बनाना शुरू कीया,2005 में National Innovation Foundation ( NIF ) Ahmedabad इन्होने उद्धब भराली के Product और उनकी खोज पर ध्यान दिया,औरउ सके बाद उद्धब को कभी भी पीछे देखना नहीं पड़ा.
उद्धब ने खास तौर पर खेती के लिए काम में आने वाले ऐसे अनेक प्रकार की मशीने बनायीं. अमेरिका के इंजीनियर 30 साल मेहनत करके जो अनार के छिलके निकालने की मशीन (Pomegranate De- Seeder) नहीं बना पाए वो मशीन उद्धब ने बनायीं और वो उनका सबसे फेमस संशोधन है इसी मशीन को NASA, MIT जैसे बड़ी संस्था ने नवाजा और भराली का व्यक्तिमत्व दुनिया के सामने आया, आज कई देशो से उन्हें अलग अलग मशीन बनाने के काम दिए जाते है उनकी और भी फेमस मशीन है जैसे अनार की तरह सुपारी तोड़ने की मशीन, विकलांगो के लिए बनायीं Machanised Toilet और चाय की पत्ति से चाय पावडर (CTC) इ .
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उद्धब भराली जागतिक दर्जेका Innovator और भारत का सुपुत्र है, ऐसा व्यक्ति भारत में होना भारतवासियों के लिए गर्व की बात है.