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Akbar Khan
Occupation - Student And Olso Graphic Designer, Server Administrator, Painter, And Your Friend
Blogger - From 2010
Hobbies- Writing Blog Surfing Internet, Playing indoor game, listening to music, Watching TV & More
Facebook Id - Akbar Khan
E-mail - sentiakbar@gmail.com
Introduction - I m Sad, Senti Akbar
दिन घुटे घुटे , शामें धुंआ धुंआ हो गया और रातें , इंतज़ार की तेरे दास्ताँ हो गया कहाँ से ढूंढ़कर लाउ सकुन दिल का अपने ज़िन्दगी जब दर्द की एक दास्ताँ हो गया बेवफा बनकर कैसे जी लेते हैं लोग हंसकर इस राज को जानने में ही हस्ती फन्ना हो गया मैं कब तक भरम में रखूं खुद को दुनिया कहने लगी की तू तो बेवफा हो गया
मेरे दिल से निकले कुछ जज्बात जो शब्दों के रूप में इस ब्लॉग मे आप लोगो के लिए लिख दिए है, आशा करता हू आप लोगो को पसंद आये!
आपका अपना - अकबर खान "
"दोस्तों मुझे अकेला रहना प्रिय है मुझे मेरी तन्हाहिया अच्छी लगती है ,क्युकी वो ही है जो अपनी दिल की सुनती है ,मुझे कोई भी वाक्य को दिल से सुनना और उसे दिल से लगाना भलीभाती आता है ,दोस्तों इस ब्लाग में मैं आपसे अपनी दिल की बात करूँगा ...
आपका इस ब्लॉग मे जुड़ने के लिए.... धन्यवाद "
Akbar Khan
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दिन घुटे घुटे , शामें धुंआ धुंआ हो गया और रातें , इंतज़ार की तेरे दास्ताँ हो गया कहाँ से ढूंढ़कर लाउ सकुन दिल का अपने ज़िन्दगी जब दर्द की एक दास्ताँ हो गया बेवफा बनकर कैसे जी लेते हैं लोग हंसकर इस राज को जानने में ही हस्ती फन्ना हो गया मैं कब तक भरम में रखूं खुद को दुनिया कहने लगी की तू तो बेवफा हो गया
मेरे दिल से निकले कुछ जज्बात जो शब्दों के रूप में इस ब्लॉग मे आप लोगो के लिए लिख दिए है, आशा करता हू आप लोगो को पसंद आये!
आपका अपना - अकबर खान "
"दोस्तों मुझे अकेला रहना प्रिय है मुझे मेरी तन्हाहिया अच्छी लगती है ,क्युकी वो ही है जो अपनी दिल की सुनती है ,मुझे कोई भी वाक्य को दिल से सुनना और उसे दिल से लगाना भलीभाती आता है ,दोस्तों इस ब्लाग में मैं आपसे अपनी दिल की बात करूँगा ...
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